सूचना
एम.टी.ओ.मनोविज्ञान® क्या है ?
एम.टी.ओ.मनोविज्ञान® क्या है ?
एम.टी.ओ शाहमघसूदी की सूफी मनोविज्ञान आत्मा की विज्ञान है। सूफी प्रशिक्षण की एक विधि है जो अत्यान्तरिक स्वयं की ज्ञान दिलाती है और उस आत्मज्ञान द्वारा ज्ञान ज्ञान और आखिर उस दैवप्रिय भगवान की साथ एकता प्राप्त कर सकते हैं। सूफी मनोविज्ञान द्वारा हम दिमाग की बड़बड़ाती शोर को पारकर अपने सार से पुनः जुड़े, अपने स्वयं का सत्य को पहचान सके और इस अस्तित्व का सत्य को जान सके । सूफी मनोविज्ञान द्वारा हम ज्ञान न ही शांती, सद्भाव, संतुलन और एकता अपनी आत्मा में पा सकते हैं पर परिवार, समुदाय और सारा अस्तित्व के साथ शाँती और एकता पा सकते हैं। सूफी मनोविज्ञान सीफीवाद की सिद्धांतों को जीवन में उपयोग करना है। यह प्रेम का राह कहलाता है।
आत्मा-सम्मान एक पर्दा है जो आत्मा को ड़क देता है।
मौलाना हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा
एम.टी.ओ. मनोचिकित्सा® क्या है ?
एम.टी.ओ. मनोचिकित्सा आत्मौपचार की एक विधि है। भौतिक आशंका के बदले सूफी मनोचिकित्सा आध्यात्मिक आशंका पर केंद्रित रहती है। सूफी मनोचिकित्सा मानव हृदय में आध्यात्मिक ज्वाला भड़काती है जिससे हमारी अन्दर जो सकारात्मक गुण हैं उन्हें उभरने और खिलने देती है। प्रेम, आशा, आनन्द, रचनात्मकता, बुद्धिमत्ता, कृपा, धैर्य, ज्ञान, परोपकार, सद्धाव, एकता और शांती हम सब में आवश्य है। सूफी मनोचिकित्सा सीफीवाद की प्रशिक्षण विधि मौलाना हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा, एम.टी.ओ शाहमघसूदी के गुरु, इस्लामी सीफीवाद®, द्वारा सिखाया हुआ हमें अपने सकारात्मक गुणों को उपयोग कर दिल और आत्मा की उपचार करने देती है।
अगर हम ध्यान से देखें तो, हमारे हर संघर्ष की अंतर्निहित कारण है प्रशांती पाना -- हरएक जंतु सच्चा प्रशांती चाहता है।
मौलाना-अल-मौज़ाम हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा
सूफी मनोविज्ञान संगठन क्या है ?
सूफी मनोविज्ञान संगठन एक गैर-मुनाफा, कर मुक्त 501 (c) 3 संगठन है जो सूफी मनोविज्ञान और सूफी मनोचिकित्सा शिक्षण समर्पित करती है। किसी कर्मचारी को कोई शुल्क नही दिया जाता है। स्वयंसेवियों पूर्णतः संगठन चलाते हैं। 1997 में आधिकारिक स्थापित किए एक छोटा-सा एम.टी.ओ. शाहमघसूदी छात्रों की समूह, छात्र जो खुद सब चिकित्सक थे और स्वयं लाभ पाये थे हज़रत पीर के शिक्षण द्वारा इस संगठन स्थापित किये ताकि दूसरों संघ बाँट सके जो खुद सीखे थे।
सूफी मनोविज्ञान संगठन का मूल उद्देश्य शिक्षण है। हम चाहते हैं कि हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा, पर ओवेयस्सी की विस्तारित विकास ज्ञान और तकनीक फैलाएँ कि जो भी ईमानदारी से ज्ञान की खोज़ में हो वे प्रेमी, रचनात्मक, सक्षम मानव बने जो अपने और संपूर्ण अस्थित्व के साथ शांती प्रकट करे।
बुद्धिमान वह है जो लाभ पर लाभ पाता है और घाटा से मुह मोड़ता है.
मौलाना-अल-मौज़ाम हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा
सदस्य कौन हैँ।
सदस्यता सभी के लिए मौजूद है जिसे दिलचस्पी हो और जो बढ़ना चाहे. सीफीवाद की वास्तविकता संस्कृति, राजनीती, अर्थशास्त्र और भूगोल के पार है। इसलिए विविध पेशाओं, उम्र, जातीयता और धार्मिकता के लोग जिनमें विध्यार्तियों भी शामिल हैं, सदस्यता की आनंद लेते हैं।
सूफी मनोविज्ञान संगठन क्या करती है ?
- सूफी मनोविज्ञान संगठन हर साल कॉन्फ्रंस कई न कई महाविध्यालय में रखती है जिसमें अनुसंधानकर्ता उपयोगी अनुसंधान और सैद्धांतिक सूचना और अभ्यास वितरित करते हैं।
- सूफी मनोविज्ञान संगठन त्रैमासिक रिट्रीट्स के लिए शैक्षिक भाग प्रदान करती है।
- सूफी मनोविज्ञान संगठन तमरकोज़ तमरकोज़ श्रेणी और कार्यशाला के लिए क्रेडिट प्रदान करती है।
- सूफी मनोविज्ञान संगठन अर्ध वार्षिक जर्नल प्रकाशित करती है।
- सूफी मनोविज्ञान संगठन वार्षिक मौलाना-अल-मौज़ाम शाहमघगसौदी सादेघ अंघा स्मारक निबंध प्रतियोगिता के परिचारिक हैं।
मनुष्य की चढ़ाई उसकी प्रयास पर निर्भर करता है, जैसे पक्षी की उड़ान उसके पंख पर.........
मौलाना-अल-मौज़ाम हज़रत सलाहेद्दीन अली नादेर अंघा
मैं कैसे शामिल हों सकता हूँ।
बिलकुल आसान है. क्लिक कीजिए, शामिल होइए, फोर्म भरिए, प्रेषित कीजिए. आपकी वार्षिक सदस्यता हमारे कॉन्फ्रेंसों, रिट्रीट्स, वर्कशोप्स एवम अन्य शैक्षिक गतिविधियों जिसमें यह वेबसैट भी शामिल है, सहायता करती है। इसमें शामिल है जर्नल सूफीवादः आत्मा का विज्ञान साथ हैी समस्थ संगठन गतिविधियों का किफायती शुल्क.
आज ही शामिल हों जाइए.......सदस्यों की सूचना न बांटी जाती है, न किराये पर दे जाती है और न ही बेची जाती है।